Akbar Birbal Hindi Story Sher or Birbal ki Kahani । ‘शेर और बीरबल’ की कहानी

 Akbar Birbal Hindi Story Sher or Birbal ki Kahani । ‘शेर और बीरबल’ की कहानी

नमस्कार दोस्तों, आप सभी का दिल से हार्दिक स्वागत है इस नये hindi kahani वाले ब्लॉग मैं| आज में यहाँ आपके लिए बहुत ही बढ़िया akbar birbal ki kahani ले के आया हु|akbar birbal ki kahani सुनना हर किसी को पसंद होता है, क्योंकि akbar birbal ki kahani बहुत ही मजेदार और ‘ज्ञान के’ बारे में होती है। नीचे बुद्धमान birbal द्वारा हिन्दी में “कमनसीब कपूरचंद” नामकी एक Moral Story in Hindi है जो आपको पसंद आएगी और ‘शेर और बीरबल’ की कहानी अपने बच्चों को जरूर सुननी चाहिए।।

Akbar Birbal Hindi Story Sher or Birbal ki Kahani । ‘शेर और बीरबल’ की कहानी

एक बार सम्राट अकबर अपने दरबारियों के साथ गप्पे बाजी कर रहे थे। उसी समय एक चौकीदार दरबार में खबर लेके आया। उन्होंने कहा, “जहांपनाह, एक विदेशी कलाकार आपसे मिलना चाहता है।”

इसे भी पढ़िए  – Akbar Birbal Hindi Story । अकबर बीरबल की कहानी

सम्राट ने उसे अंदर आने की परवानगी दे दी। कुछ ही देर में एक व्यक्ति ने दरबार में पैर रखा। उसके पास एक बड़ा पिंजरा था और उस में पिंजरे में एक शेर था। यह देखकर दरबारी भी हैरान रह गए।

कलाकार ने कहा, ‘जहांपनाह, मैंने आपकी बड़ी प्रशंसा सुनी है। आपके दरबार में पंडित, और विद्वान हैं। नौ रत्न हैं। लेकिन मैं उन सभी को चुनौती देता हूं कि आपके दरबार में कोई एक भी सख्त, साहसी आदमी है जो पिंजरे को खोले बिना और शेर को छुए बिना उसे नष्ट कर देता है?

akbar birbal ki kahani

मैं उस मनुष्य को सोने के पांच सौ सिक्के दूंगा जो मेरे कहने के अनुसार करके दिखता है, लेकिन अगर वह असफल होता है, तो उसे मुझे पांच सौ सोने के सिक्के देने होंगे।’

कलाकार की बात सुनकर सारा दरबार सोच में पड़ गया। खुद बादशाह अकबर भी हैरान रह गए, ”ऐसा कैसे हो सकता है?”

एक-एक करके दरबारी पिंजरे के पास आये लेकिन सब असफल रहे। बादशाह को भी ऐसा लगने लगा कि आज उसकी इज्जत कोई नहीं बचा पायेगा।

इसे भी पढ़िए  – hindi story feku phula chacha | फेकू फूला चाचा

अंत में, बीरबल ने कलाकार से कहा, “मैं यह करूँगा। यह कहकर बीरबल ने नौकर को बुलाकर सूखी लकड़ियां लाने को कहा। लकड़ी मंगवाई और पिंजरे के चारों ओर बराबर से लगाने को कहा।

akbar birbal story in hindi

इसके बाद बीरबल ने कहा, अब इस लकड़ी को जला दो। नौकरों ने लकड़ी में आग लगा दी और तुरंत जलना शुरू हो गई। जैसे-जैसे लकड़ी जलती गई, उसकी गर्मी बढ़ती गई और शेर गायब होने लगा। थोड़ी ही देर में पिंजरा खाली हो गया। बादशाह अकबर और उसके दरबारियों यह देख कर आश्चर्य चकित हो गये।

सम्राट ने पूछा, “बीरबल, तुमने यह कैसे किया?”

तो बीरबल ने कहा, ‘जहाँपनाह, शेर का बारीकी से निरीक्षण करने से पता चला कि शेर मोम का बना था। इसलिए मैंने जलाऊ लकड़ी मंगवाई और आग लगा दी। जिससे मोम पिघलने लगा। इस प्रकार शेर को बिना कोई हाथ लगाए नष्ट कर दिया गया।’

इसे भी पढ़िए  – Bhabhi ki love story in hindi | भाभी की प्रेम कहानी

कलाकार ने बीरबल से कहा, ‘मैंने शेर के साथ कई राज्यों की यात्रा की, लेकिन मुझे तुम्हारे जैसा बुद्धिमान कभी कहीं पर नहीं मिला। शर्त के अनुसार ये रहे आपके पांच सौ सोने के सिक्के।’ बीरबल ने कलाकार की कला की सराहना की और उसे सोनहोर का बैग वापस सौंप दिया। बादशाह अकबर ने भी प्रसन्न होकर कलाकार को पाँच सौ सोने की मोहरें दीं।

Conclusion: हेलो दोस्तों आपने इस Akbar Birbal Hindi Story और akbar birbal ki kahani को पढ़ा होगा उम्मीद करता हु आपको ये akbar and birbal stories in hindi पसंद आयी होगी, आपको ये akbar ki kahani और birbal ki kahani कैसी लगी उसे comment के जरिये हमें जरूर बताये| धन्यवाद, आपका दिन मंगलमय हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.