इंडिया मैं कोरोना वैक्सीन कब आएगी, किसको पहले दी जाएगी?

 इंडिया मैं कोरोना वैक्सीन कब आएगी, किसको पहले दी जाएगी?

सरकार ने आज कोरोना पर एक सर्वदलीय बैठक की। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए की। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन के लिए इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं है, vaccine कुछ हफ्तों में तैयार हो जाएगी । vaccine companies के साथ चर्चा के बाद यह मोदी की पहली और सबसे महत्वपूर्ण बैठक है। कहा कि, कोरोना वैक्सीन कुछ हफ्तों में तैयार हो जाएगी, पहली  vaccine बीमार बूढ़े लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाएगी।

एक सप्ताह से vaccine के बारे में प्रधानमंत्री बहुत सक्रिय हैं। 28 नवंबर को, उन्होंने पुणे में सीरम Serum Institute, अहमदाबाद में Zyds Biotech Park और हैदराबाद में Bharat Biotech Facility का दौरा किया। 30 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा Geneva Biopharma, Biological E और Dr. Reddy की टीम के साथ चर्चा की। पीएम ने उन्हें vaccine के प्रभावों के बारे में आम लोगों को सरल शब्दों में समझाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की सलाह दी।

सफलता का कोई संदेह नहीं

भारतीय वैज्ञानिक अपनी सफलता के प्रति आश्वस्त हैं और उनका आत्मविश्वास मजबूत है। दुनिया की नजर सबसे सुरक्षित और सबसे सस्ते वैक्सीन पर है। स्वाभाविक रूप से, दुनिया की नजर भारत पर भी है। अहमदाबाद, पुणे और हैदराबाद में जाकर मैंने देखा कि vaccine के निर्माण की तैयारी कैसी है। ICMR और वैश्विक उद्योग दिग्गजों के साथ समन्वय किया जा रहा हे। सभी इसके लिए एकदम तैयार हैं। लगभग 8 संभावित vaccine हैं, जो भारत में निर्मित ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं।

वैक्सीन के लिए और अधिक इंतजार नहीं

भारत में 3 विभिन्न vaccine का परीक्षण विभिन्न चरणों में है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि वैक्सीन के लिए इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं है। अगले कुछ हफ्तों में वैक्सीन तैयार होने की उम्मीद है। वैज्ञानिकों को हरी बत्ती मिलते ही भारत में Vaccination शुरू कर दिया जाएगा। केंद्र राज्यों के इस सुझाव पर भी काम कर रहा है कि पहले चरण में किसे vaccine लगाया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और पहले से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

हम दूसरे देशों की तुलना से बेहतर हैं

केंद्र और राज्य की टीम भी vaccine के वितरण पर एक साथ काम कर रहे हैं। हम अन्य देशों की तुलना में सबसे अच्छे हैं। हमारे पास Vaccination के लिए दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे अनुभवी नेटवर्क है। किसी और जरूरत का भी आकलन किया जा रहा है। कोल्ड चेन को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। भारत ने विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया है जिसमें कोरोना वैक्सीन के लाभार्थियों को वैक्सीन से संबंधित वास्तविक समय की जानकारी मिल सकती है। नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप को कोरोना वैक्सीन से जुड़े अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। समूह राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस समूह से राष्ट्रीय और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

Price पर निर्णय अभी तक कोई नहीं लिया गया है

वैक्सीन की price का सवाल भी स्वाभाविक है। केंद्र इस संबंध में राज्यों के साथ बातचीत कर रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर निर्णय लिया जाएगा। भारत आज उन देशों में से एक है जहाँ परीक्षण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। भारत उन देशों में से एक है जहां रिकवरी दर अधिक है और मृत्यु दर घट रही है। हमने जिस तरह से कोरोना से जंग लड़ी वह हर देशवासी की इच्छाशक्ति को दर्शाता है। भारत ने विकसित देशों से बेहतर लड़ाई लड़ी है।

अफवाहों से बचें

हम न केवल अपने देश के नागरिकों के बारे में चिंतित हैं, बल्कि अन्य देशों की मदद करने के लिए भी काम कर रहे हैं। फरवरी-मार्च के अग्रिम माहौल से लेके दिसंबर में विश्वास और आशा के माहौल के बीच भारत ने एक लंबी यात्रा शुरू की है। अब जब vaccine तैयार हो गया है, तो उसी सार्वजनिक भागीदारी की आवश्यकता है। आपके सभी अनुभवी सहयोगियों के सुझाव भी समय-समय पर इसमें भूमिका निभाएंगे। जब इतना बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है, तो समाज में कई तरह की अफवाहें फैली हुई हैं। यह जनहित और राष्ट्रहित के खिलाफ है। देश के नागरिकों को जगाना और उन्हें अफवाहों से बचाना सभी दलों की जिम्मेदारी है।

मोदी ने वैक्सीन कंपनियों को सरल शब्दों में लोगों को समझाने के लिए कहा

मोदी कोरोना की स्थिति के साथ-साथ वैक्सीन विकास पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं। उन्होंने 30 नवंबर को वीडियो-कॉन्फ्रेंस द्वारा Genova Biopharma, Biological E और Dr. Reddy की टीम के साथ चर्चा की। प्रधानमंत्री ने उन्हें सामान्य लोगों को vaccine के प्रभावों के बारे में सरल शब्दों में समझाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की सलाह दी।

देश में महामारी की वजहसे 1.39 लाख लोगोंकी मोत हुई है

अब तक 95.71 लाख मामले दर्ज किए गए हैं। जिसमें से 90.15 लाख ठीक हो चुके हैं और कोरोना ने देश में 1.39 लाख लोगों की जान ली है। कुल 4.14 लाख सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं, जिसका अर्थ है कि इतने रोगियों का इलाज चल रहा है। यह आंकड़ा 21 जुलाई के बाद सबसे कम है। उस समय कुल 4.12 लाख सक्रिय मामले थे।

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